दूल्हे राजा : कोई जवाब नहीं!!

“दुल्हन तो जाएगी दूल्हे राजा के साथ, दुल्हन तो जाएगी दूल्हे राजा के साथ,” सोनू भाई को गाना गुनगुनाते सुना तो रहा नहीं गया। मैंने पूछ लिया, “किसको कहाँ ले जा रहे हैं सोनू भाई? मामला सेट हो गया क्या?”

सोनू भाई मुझे देख के खुश हुए और हँसते हुए पूछा, “अरे कहाँ थे भईया इतने दिन से दिखे नहीं? आप भी कुछ काम करने लगे हैं का?”

रह-रह कर सोनू भाई अक्सर ये चोट किया करते थे इसलिए मैंने बुरा नहीं माना। लेकिन जवाब तो देना था। मैंने कहा, “आप कौन सा बहुत इंपोर्टेंट काम कर रहे हैं? खाली बैठ के सपना देख रहे हैं दुल्हन का”।

“अरे नहीं नहीं हम तो गाना गा रहे थे। आजकल का गाना सब सुनते हैं आप? सब एक ही जैसा रहता है। कौन अंकित तिवारी है और कौन अरिजित सिंह है पते नहीं चलता। और तो और आपको क्या बताएं तीसरा किसी का नाम भी नहीं जानते हम। सब गाने का बोल भी एक ही जैसा रहता है। बड़ी बेइज्जती हो जाता है नया लौंडा सब के सामने। हंस देता है सब की कौन हनी सिंह है कौन बादशाह है और कौन रफ्तार है हमको पते नहीं लगता। सब एक जैसा। इसी जमाने में कल हम देख लिए दूल्हे राजा, गोविंदा वाला, आप तो देखे ही होंगे। एक से एक गाना सुने न त मिजाज दुरुस्त हो गया। अरे वाह-वाह! क्या गाना सब है, ‘अँखियों से गोली मारे लड़की कमाल’, कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली’, ‘लड़का दीवाना लगे’, ‘सुनो ससुरजी अब ज़िद छोड़ो’ सब एक से एक। लेकिन सबसे मस्त गाना कौन है जानते हैं? ‘क्या लगती है हाय रब्बा’ ई गाना सबसे धांसू है। शुरू होता है मालगाड़ी जैसे धीरे धीरे फिर एक्के बार राजधानी एक्सप्रेस बन जाता है। एक दम नया डिज़ाइन लेके आया था गाना का। मज़ा आ गया भईया कल फिलिम देख के। पुराना याद ताज़ा हो गया”।

सोनू भाई इतना बोल के कुछ सोचने लगे। मैंने भी सोचा की कोई काम तो है नहीं घर जाके टीवी पर तेलुगू फिल्म देखने से अच्छा है सोनू भाई की कहानी ही सुन ली जाये। इसलिए मैंने आगे पूछा, “क्या था सोनू भाई पुराने दिन में? क्या याद करने लगे?”

सोनू भाई फिर शुरू हो गए, “जब फिलिम रिलीज हुआ था न, हमको याद है, गोविंदा का हालत खराब था। तीन चार फिलिम फ्लॉप हो गया था, रवीना का भी येही हाल था और डाइरेक्टर का तो लास्ट हिट फिलिम था नगीना। इसीलिए देखने के पहले हम सोच रहे थे देखें की नहीं। लेकिन उस टाइम में एक दम आपके जैसा हाल था हमारा। कोई काम नहीं था (फिर चोट किए सोनू भाई) तो पहुँच गए फ़र्स्ट-डे-फ़र्स्ट-शो देखने। पहुंचे तो देखे मार हो रहा था टिकट के लिए। भईया उ टाइम भी गज़ब था न, कोइओ फिलिम लगे टिकट के लिए मार जरूर होता था। हर मोहल्ला में एगो टिकट कटाने का एक्सपर्ट होता था, उसको सिनेमा दिखाने के साथ साथ समोसा भी खिलाना पड़ता था याद है न? हमारे घर के पीछे रहता था सोमनाथ डॉन- टिकट माफिया, उसी को लेके गए थे। पता नहीं कहाँ कहाँ से चढ़ के टिकट ले आया। सिनेमा शुरू हुआ तो पब्लिक सीटी मारे पड़ा है कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। पता चल गया था की मज़ा आने वाला है लेकिन असली मज़ा तब शुरू हुआ जब ‘लड़का दीवाना लगे’ गाना के बाद गोविंदा ऊपर से कूदता है और कंघी करते हुए मुसकुराते हुए निकल जाता है। कसम से तब पता लग गया की आज गोविंदा फौरम में है, फाड़ देगा। मज़ा आ गया था। एक जगह ऐसा नहीं की लौंडा गंदा और फूहड़ डाइलॉग बोल के कॉमेडी किया हो, जैसे आज कल करता है सब? इसको न कॉमेडी कहते हैं। आजकल देखते हैं आप खाली सेक्स का बात करके, डबल मीनिंग डाइलॉग मार के, लड़की सब का कपड़ा उतार के कॉमेडी करता है सब, कॉमेडी करता है की शर्मिंदा करता है सब भईया हमको तो नहीं समझ आता है। गलत कह रहे हों तो बताइये आप”।

मैंने कहा, “ना भाई! आप कभी गलत कहते हैं?”

सोनू भाई : “भईया बेफालतू का बात नहीं कर रहे हम। देखिये आज का हाल, सब कमेडियन बेरोजगार हो गया है और सन्नी लियोने से कॉमेडी करा रहा है सब। कॉमेडी फिलिम का मतलब गंदगी हो गया है। दूल्हे राजा देखिये, सब एक से एक काम किया है। जॉनी लीवरवा को अवार्डो मिल गया था। कादर खान क्या गजब मज़ा देता है जब कहता है की हम तो खानदानी क़व्वाल हैं। और तो और विलेनवा दोनों भइवा भी गज़ब है। प्रेम चोपड़ा पुराने स्टाइल में है ‘नंगा नहाएगा क्या निचोड़ेगा क्या’ डाइलॉग के साथ। उसका भाई, पीला आँखवा वाला पीताम्बर नाथ भी गज़ब का कलाकार है। देखने में डरावना लगता है मगर कॉमेडी एक नंबर करता है। गोविंदा तो ढाबा वाला बन के कहरे ढा दिया है। अपना बिहार वाला भाषा बोल रहा है, जब लालू प्रसाद बने जॉनी लीवर को फोन पर बोलता है न “हाँ मऊसा जी, चरणों में प्रणाम स्वीकारिए” क्या बताएं कैसा मज़ा आया था भाई। कोई ज़ोर नहीं है उसका। आजकल का लौंडा लोग का कॉमेडी करेगा? लिफ्ट वाला सिनवा याद है? जब काला चश्मा बदल बदल के लगाता रहता है? हमको तो याद कर के भी हंसी आता है। हाहाहाहा!!! भईया उ सिनवा याद है जब कदर खान गोविंदा को ले जाके अपनी बेटी का कपड़ा, गहना, जेवर दिखाता है, पूछता है ये सब दे पाओगे मेरी बेटी को। लग रहा था अब सिरियस सीन हो गया लेकिन गुरु गोविंदा को देखिये उसको भी कॉमेडी बना दिया। सब गहना लेके इन्कम टैक्स के ऑफिस भाग गया। इसको कहते हैं नयापन। जाइए जाके देखिये भईया ध्यान से एक बार और तब जाके आपको पता लगेगा।“

इतना सुनने के बाद तो मैंने भी डिसाइड कर ही लिया की अभी जाके एक बार और देखुंगा दूल्हे राजा। आपसे भी अनुरोध है की एक बार अवश्य देखें अगर हँसना चाहते हैं पूरे परिवार के साथ तो, क्योंकि सोनू भाई की ये बात सही है की आजकल की कॉमेडी तो आप परिवार के साथ नहीं देख सकते न। लेकिन इसमें भी सोनू भाई ज्ञान बांटने से नहीं चूकते और कहते हैं की आप परिवार के साथ सब कुछ कर सकते हैं अगर आप सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड को ही अपना परिवार मानते हों तो। तब तक इस फिल्म के कुछ कॉमेडी दृश्य देख कर काम चलाएं।

 

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