यो सै सलमान का दाँव – सुल्तान

तकरीबन एक महीने बाद आज सोनू भाई वापस शहर में दिखाई दिये। सुल्तान आने के बाद मिले ही नहीं सोनू भाई तो उनके विचार जानने की बड़ी उत्सुकता हो रही थी। मैंने उन्हें देखते ही नमस्कार किया।

“सोनू भाई नमस्कार! कहाँ अंडरग्राउंड हो गए थे? कोई कांड कर के भागे थे का? सारी हसीना तो शहर में थी, आप अकेले कहाँ भागे हुए थे? दर्शन नहीं हुए आपके लगता है एक ज़माना हो गया”

सोनू भाई हाथ दिखाते हुए कहे, “अरे रुकिए रुकिए भाई ब्रेक लगाइए। सवाल पर सवाल दागे हुए हैं। ब्रेक लगाइए। अभी बताते हैं कहाँ गए थे”। फिर छोटू चाय दुकान वाले की तरफ देख कर चिल्लाये, “छोटू चाय भेज दो गो”

फिर चाय की चुस्की लगाते हुए शुरू हुए, “भैया का बताएं गाँव गए थे। बहुत जरूरी काम था। सोचे थे एक हफ्ता में आ जाएँगे सलमान भाई के आने के पहले। लेकिन ससुर एक महिना लग गया। वहीं देखना पड़ा हमको सुल्तान। आप समझ नहीं सकते हैं कैसे देखे हैं। इतना जरूरी नहीं होता न तो कभी नहीं देखते। भैया एक्के गो सिनेमा हाल था वहाँ, लकड़ी का कुर्सी और चारों तरफ गुटखा थूका हुआ। भाई लोग उसी में सिगरैट पी रहा था गुटखा थूक रहा था। हम सिमट के बैठे थे एक कोने में। ऐसा लग रहा था बस अड्डे के सार्वजनिक शौचालय में बैठ के देख रहे हैं सिनेमा। जिंदगी मौत का सवाल नहीं होता न कभी नहीं देखते। लेकिन सच बताएं, एक दम दिल से, जैसे ही सिनेमा शुरू हुआ न मज़ा आ गया, सब गुटखा का थूक भुला दिया। पब्लिक एतना पागल था भाई के लिए की चिल्ला चिल्ला के, सिटी बाजा बाजा के हॉल हिला दिया। उसके बाद कोई पैर पर भी थूक देता था तो हम बुरा नहीं मानते थे। मज़ा आ गया भैया। यहाँ तो मल्टीप्लेक्स में सब लोग शर्मा के बैठा रहता है जैसे कोई गलत काम कर रहा हो। हंसी भी आता है तो मूंह पर हाथ रख के हँसता है, जैसे खुल के हंस देगा तो इज्जत खराब हो जाएगा। वहाँ तो भैया खुल के हल्ला, सिटी और गाली गलौज चल रहा था। फिरंगी फाइटरवा सब एतना गाली खाया न पब्लिक से की का बताएं”

“चलिये सोनू भाई आपको मज़ा आया न बस हो गया। हम चिंतित थे की आप सुल्तान देखे बिना कैसे जिंदा होंगे इतने दिन से। फोने भी नहीं लग रहा था आपका। कितने बार देखे सोनू भाई?” हमने पूछा ऐसे ही।

सोनू भाई थोड़े दुखी होके जवाब दिये, “भैया कोर्ट कचहरी का काम था समय कहाँ मिलता था। 10 दिन में 13 बार देख पाये बस। ऊ तो अच्छा हुआ पहले दिन छुट्टी था तो उसी दिन 3 बार देख लिए थे। अब आप पूछिएगा कैसा था सिनेमा उसके पहले हम बता दें की हमारे हिसाब से अभी तक का भाई का बेस्ट सिनेमा। अच्छा आप नहीं मानते हैं तो वांटेड और बजरंगी भाईजान को भी साथ रख लेते हैं अब खुश। लेकिन बहुत झकास था भैया। अरे कुश्ती वुस्ती तो अपने जगह लेकिन भाई का जो जलवा था न का बताएं आग लगा दिये भाई पर्दा फाड़ दिये”।

मैंने कुछ सोचते हुए पूछा सोनू भाई से, “सोनू भाई फिल्म तो हमको भी अच्छा लगा। लेकिन ऐसा क्या था की एक हफ्ता में 400 करोड़ क्रॉस हो गया। ये हमारे समझ के बाहर है। ठीक है, बढ़िया था लेकिन ऐसा था क्या की पब्लिक इतना पगलाया हुआ है?”

सोनू भाई अब दार्शनिक अंदाज़ में मोटरसाइकल की सीट पर लेट गए थे और इस बार सोच के बोले, “भैया ये बात गंभीरता से सोचने का तो है की ऐसा का था सुल्तान में की रेकार्ड पर रेकार्ड तोड़ रहा है। और हम सोचे भी थे। इसका कारण है। ऐसा नहीं है की सलमान भाई का तुक्का लग गया है। मानते हैं तुक्का लगा था रैडि में तुक्का लगा था बॉडीगार्ड में। लेकिन यहाँ तुक्का नहीं है। एक सोची समझी रणनीति के तहत काम किया गया है। हम आपको बताते हैं क्या है सुल्तान में स्पेशल। सुनिए”

फिर चाय का अगला दौर शुरू हुआ और सोनू भाई भी शुरू हुए, “भईया सबसे पहिला बात है की सुल्तान का कहानी और सलमान का कहानी सेम है। सुल्तान जैसे सलमान भाई आवारागर्दी करने के बाद स्टार बन गए और स्टार बनने के बाद स्टारडम उनके कपार पर चढ़ गया। भाई घमंडी हो गए उसके बाद हिरण का शिकार किए और बिना ड्राईवर वाला गाड़ी भी चढ़ाये गरीब लोग पर। लेकिन उसके बाद सुधर गए और समाज सेवा करने लगे सब लड़की उनको छोड़ के चली गयी और भाई अकेले रह गए अपने गैलक्सि अपार्टमेंट में। सिनेमा भी सब फ्लॉप होता गया और भाई खतम हो गए। लेकिन सुल्तान के तरह ही भाई फिर से बाज़ार में उतरे और कहर ढा दिये। फिर से सुपरस्टार बने और सबको चित कर दिये। लोग को सुल्तान देख के लगा की भाई का अपना कहानी देख रहे हैं। लोग को जब अपनापन लगता है न, कहानी सच्छा लगता है न तब लोग देखता है मन से। येही हो रहा सुल्तान के साथ। लोग को कहानी एक डम सच्चा लग रहा है। भाई के स्टाइल वाला लव स्टोरी भी है इसमें जिसमें लड़की छोड़ के चली जाती है उनको। लोग इमोसनाल हो जा रहा है भाई ई सब देख के। अभी भी लोग सोचता है की सलमान भाई ऐश्वर्या से सच्चा प्यार करते थे। और जग घूमेया थारे जैसा न कोई उनही के लिए कह रहे हैं। और उनही के चलते भाई अभी तक अकेले हैं। ई सब बात कनैक्ट होता है भईया। इसी लिए इतना कमाई कर रहा है सुल्तान”।

“लगता है आप ठीक कह रहे हैं सोनू भाई। काफी गंभीरता से सोचे हैं आप इस मसले पर। सिनेमा देख के मज़ा बहुत आया लेकिन” हमने भी दो शब्द रखे अपने”।

सोनू भाई कंक्लुडिंग रिमार्क्स दिये, “हाँ भईया मज़ा तो बहुत आया। जब पहिला फाइटरवा को पटक के भाई मूछ पर ताव देके आगे निकल गए न, माँ कसम बता नहीं सकते कैसा लगा। शब्द नहीं हमारे पास”।

फिर कुछ सोच के सोनू भाई गंभीर हो गए और बोले, “लेकिन भईया एक बात अच्छा नहीं लगा हमको। जब अनुष्का भाई को थप्पड़ मार के औकात बताई न तब सिनेमा हाल में सब पब्लिक अनुष्का को गाली बक रहा था चिल्ला चिल्ला के। ई हमको अच्छा नहीं लगा। बात इतने पर नहीं खतम हुआ उसके बाद पब्लिक विराट कोहली को भी नहीं छोड़ा उसका भी माँ बहन कर दिया। अब बताइये ई का बात हुआ?”

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